बिल्डरों की मनमानी रोकने के लिए प्राधिकरण अपनी वेबसाइट पर उनके प्रत्येक ब्यौरे की रिपोर्ट डालेगा। इससे निवेशक फ्लैटों की बुकिंग करने से पहले बिल्डरों के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। दरअसल बिल्डर झूठे सब्जबाग दिखाकर फ्लैट बेच देते हैं। निवेशकों को अपने ठगे जाने की जानकारी तब होती है, जब वह पूरी कीमत जमा कर चुके होते हैं। बाद में बुकिंग रद करने पर बिल्डर निवेशकों के पैसे को भी लौटने में आनाकानी करते हैं। बिल्डरों की मनमानी को रोकने के लिए प्राधिकरण ने अपनी वेबसाइट पर उनके पूरे ब्यौरे को डालने का निर्णय किया है।

मसलन, बिल्डरों को कितनी जमीन आवंटित की गई है। कितना एफएआर है, कितने फ्लैट बनने हैं। नक्शा पास हुआ या नहीं। किश्तों का कितना पैसा बकाया है। प्राधिकरण ने कितना जुर्माना लगाया है। कंप्लीशन लिया है अथवा नहीं। जमीन की रजिस्ट्री हुई है या नहीं, इत्यादि जानकारी डाली जाएंगी। इससे निवेशक फ्लैट की बुकिंग कराने से पहले बिल्डर के बारे में समुचित जानकारी हासिल कर सकेगा। निवेशकों को जानकारी होंगी तो वह किसी के झांसे में नहीं फंसेंगे। बिल्डरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह पंद्रह दिन के अंदर सभी जानकारी प्राधिकरण को उपलब्ध करा दे।

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