डेवलपर्स नहीं कर पाएंगे प्री-लॉन्चिंग का खेल, खरीददारों को होगा फायदा

 

अब बिल्डर अपार्टमेंट बनने से पहले ही जनता को लुभाने के लिए प्री-लॉन्चिंग के नाम पर बुकिंग नहीं कर सकेंगे। अब तक बिल्डर जमीन के अपने हाथ में आने और उसकी रजिस्ट्री अपने नाम होने से पहले ही बड़े बड़े होर्डिंग लगाकर और लुभावना प्रचार कर लोगों से बुकिंग के नाम पर कुल लागत की 30 से 40 फीसदी राशि पहले ही वसूल लेते थे। लेकिन राजस्थान के संशोधित अपार्टमेंट ऑनरशिप बिल 2013 में बिल्डरों की इन गतिविधियों पर कानूनी अंकुश लगाने के प्रावधान किए हैं। अब प्री- लॉन्चिंग और लॉन्चिंग के नाम पर चलाए जाने वाले खेल खत्म हो सकेंगे। बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही सभी बिल्डर और सरकारी निकाय अपार्टमेंट एक्ट के प्रावधानों से बंध जाएंगे।

 

 क्‍या होगा बदलाव

 

 अब अपार्टमेंट का निर्माण बिल्डर को खुद के पैसे से करना होगा। जमीन खरीदने से लेकर निर्माण पूरा होने तक वह किसी क्रेता से बुकिंग के नाम पर वैधानिक रूप से करार नहीं कर पाएगा। जब वह बिल्डिंग बायलॉज और एक्ट के प्रावधानों के साथ अपार्टमेंट पूरा होने का सर्टिफिकेट प्राप्त कर लेगा। उसके बाद बुकिंग कर सकेगा। ऐसा होने पर बुकिंग के समय किए वादे पूरे नहीं करने और क्रेता को बुकिंग में बताई सुविधाओं से कम सुविधाएं उपलब्ध कराने की शिकायतें बंद हो जाएगी। इसके बावजूद यदि बिल्डर कानूनी रूप से सुविधाओं में कोई कमी रखेगा तो वह कानूनन जिम्मेदार होगा।

 

 फ्लोर एरिया की गणना

 

 पूर्व चीफ टाउन प्लानर एच सी माथुर का कहना है कि प्री- लॉन्चिंग और लॉन्चिंग का खेल खत्म करना बहुत अच्छा कदम होगा। लेकिन उनको आशंका है कि क्या ऐसा अच्छा कदम सरकार उठा लेगी। उनका कहना है कि बिल्डर फ्लैट बेचते वक्त बता देते हैं कि कुल फ्लोर एरिया इतना है। लेकिन असल में इसमें सड़क, सीढ़ी, पार्किंग और अन्य क्षेत्रफल भी जोड़कर बताया जाता है। एक्ट में यह भी स्पष्ट किया जाए कि फ्लोर एरिया की गणना में कौनसा क्षेत्रफल शामिल करना है और कौनसा नहीं किया जा सकता है तो क्रेता के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

 

 अभी क्‍या करते  हैं डेवलपर्स 

 

  • होर्डिंग और अन्य माध्यमों से बिना एक एक जमीन के ही नई योजना का प्रचार
  • प्री-लॉन्चिंग तिथि घोषित कर कई माह तक बुकिंग
  • भूमि की अपने नाम रजिस्ट्री कराए बिना ही पूरी जमीन अपनी बता भूमि पूजन से साख दिखाकर बुकिंग 100 फीसदी करने का प्रयास।
  • बिना एक भी कमरे के निर्माण के कुल फ्लैटों में से जो बुक नहीं हुए उनको लांचिंग कार्यक्रम रखकर बुक करने का प्रयास।
  • जब जमीन और निर्माण की पूरी लागत बुकिंग से ही वसूल ली जाती है तो फिर सुविधा से जितनी जमीन कब्जे में आती है, उसके अनुसार फ्लैट निर्माण शुरू।
  • जबतक अपार्टमेंट का निर्माण पूरा होता है तब तक 50 फीसदी प्रोजेक्ट में क्रेता द्वारा बुकिंग के समय दी राशि का ब्याज ही उतना हो जाता है
  • जब कब्जा देने का समय आता है तो बिल्डर ने जो बनाकर दे दिया, वही क्रेता को लेना पड़ता है, उसके पास बुकिंग के समय बताई सुविधाएं कानूनन पाने का अधिकार नहीं होता।

 

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One Response to डेवलपर्स नहीं कर पाएंगे प्री-लॉन्चिंग का खेल, खरीददारों को होगा फायदा

  1. girraj123 says:

    Recently the company has ventured in a new project on the name Arihant Ambar sector 1 Noida. The venture is a whole new form of luxury comforts that an individual wish to have in its life.

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